छत्तीसगढ़

CG में अवैध धान पर सबसे बड़ी कार्रवाई : 1.52 लाख क्विंटल धान जब्त, सीमावर्ती जिलों में सख्त निगरानी

रायपुर, 7 दिसंबर 2025।छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले ही राज्य सरकार ने अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 नवंबर से 6 दिसंबर 2025 तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1,51,809 क्विंटल धान अवैध रूप से परिवहन एवं भंडारण करते हुए जब्त किया गया है।

राज्य सरकार द्वारा सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी, चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता वाली टास्कफोर्स गठित करने के बाद अवैध धान की आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिली है। साथ ही मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से धान खरीदी प्रणाली की रियल-टाइम मॉनिटरिंग लगातार जारी है।

कौन-से जिले में कितनी कार्रवाई?

अवैध परिवहन के माध्यम से आए धान पर मंडी अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें सबसे अधिक धान महासमुंद जिले में जब्त किया गया है। प्रमुख जिलों के आंकड़े इस प्रकार हैं—

  • महासमुंद – 25,718 क्विंटल
  • धमतरी – 23,859 क्विंटल
  • रायगढ़ – 21,331 क्विंटल
  • राजनांदगांव – 14,977 क्विंटल
  • बलरामपुर – 9,771 क्विंटल
  • बेमेतरा – 6,490 क्विंटल
  • कवर्धा – 5,734 क्विंटल
  • बालोद – 4,595 क्विंटल
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ – 3,770 क्विंटल
  • जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) – 2,868 क्विंटल
  • जशपुर – 2,771 क्विंटल
  • सूरजपुर – 2,650 क्विंटल
  • दुर्ग – 2,350 क्विंटल
  • जांजगीर-चांपा – 2,014 क्विंटल
  • बलौदाबाजार – 1,855 क्विंटल
  • बीजापुर – 1,842 क्विंटल
  • रायपुर – 1,679 क्विंटल
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई – 1,583 क्विंटल
  • मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – 1,500 क्विंटल
  • बस्तर – 1,560 क्विंटल
  • मोहला-मानपुर-चौकी – 1,402 क्विंटल
  • गरियाबंद – 1,393 क्विंटल
  • कोरबा – 1,346 क्विंटल
  • सरगुजा – 1,282 क्विंटल
  • कोरिया – 1,237 क्विंटल
  • सक्ति – 1,201 क्विंटल
  • कोंडागांव – 1,148 क्विंटल
  • बिलासपुर – 1,060 क्विंटल
  • कांकेर – 1,012 क्विंटल
  • मुंगेली – 917 क्विंटल
  • दंतेवाड़ा – 445 क्विंटल
  • नारायणपुर – 323 क्विंटल
  • सुकमा – 216 क्विंटल

कड़ी निगरानी से अवैध गतिविधियों पर रोक

सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस और जिला प्रशासन लगातार अलर्ट मोड में है, और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी से अवैध धान आमद पर काफी हद तक रोक लगी है।

मार्कफेड अधिकारियों का कहना है कि पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली प्रभावी तरीके से काम कर रही है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।

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Manish Tiwari

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