वीर बाल रैली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल : 5 हजार स्कूली बच्चों ने निकाली ऐतिहासिक रैली

रायपुर, 20 दिसंबर 2025। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। इस भव्य आयोजन में 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राएं, स्काउट-गाइड और एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए।
रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रेरणादायी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे मार्ग में देशभक्ति और बलिदान की भावना से ओत-प्रोत माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि साहिबजादों ने छोटी सी उम्र में वीरता, आस्था और बलिदान की जो मिसाल पेश की, वह युगों तक मानवता को प्रेरणा देती रहेगी। 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी—के अद्वितीय बलिदान को पूरा देश नमन करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मात्र 9 वर्ष और 7 वर्ष की आयु में साहिबजादों ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इनकार किया और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को बलिदान और कर्तव्य के इस गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना और अधिक सशक्त हुई है। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं और खालसा पंथ की स्थापना को अन्याय व अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग बताया।
कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का संदेश देता है। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



