छत्तीसगढ़
Trending

बलौदाबाजार में झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन के बाद 4 महीने की गर्भवती की मौत, बिना पोस्टमॉर्टम कर दिया अंतिम संस्कार

बलौदाबाजार | 28 फ़रवरी 2026

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सर्दी-खांसी का इलाज कराने गई 4 माह की गर्भवती महिला की झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की तबीयत इंजेक्शन लगने के बाद अचानक बिगड़ गई। उल्टियां हुईं, नाक से झाग और खून निकला और वह बेहोश हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव की है। हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया और पुलिस में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई।

2022 में हुई थी शादी, ढाई साल का बेटा

मृतका इंदु साहू की शादी 2022 में अजय साहू से हुई थी। उनका ढाई साल का एक बेटा है। वह दूसरी बार 4 महीने की गर्भवती थीं। गुरुवार को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द की शिकायत पर वह गांव के ही कथित डॉक्टर जयंत साहू के क्लिनिक पहुंचीं, जो छेरकाडीह जारा का सरपंच भी है।

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत

परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डॉक्टर ने बीपी चेक करने के बाद इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद महिला को उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। पानी पिलाने पर थोड़ी देर के लिए होश आया, लेकिन फिर हालत बिगड़ गई।

उसे तुरंत पलारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला के नाक से झाग और खून निकला था।

बिना डिग्री 17 साल से कर रहा इलाज

जयंत साहू ने स्वीकार किया है कि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है, फिर भी वह पिछले 17 वर्षों से इलाज कर रहा है। बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे महिला को अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

4 घंटे बाद पोस्टमॉर्टम से इनकार

परिजन करीब चार घंटे तक अस्पताल में रहे। शाम 6 बजे उन्होंने पोस्टमॉर्टम न कराने का लिखित आवेदन दिया, जिसके बाद शव सौंप दिया गया। उसी दिन अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

इस मामले में अब तक न तो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।


पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

इससे पहले बालोद जिले में भी झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक युवक की मौत का मामला सामने आया था। पाइल्स के इलाज के दौरान कथित डॉक्टर ने एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए थे, जिससे ब्लीडिंग और इन्फेक्शन के चलते युवक ने दम तोड़ दिया था।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को फिर से तेज कर दिया है।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button