सक्ति जिले के हसौद में 251 कुण्डीय महायज्ञ में पहुंचे CM साय: 140 जोड़ों का किया विवाह–आशीर्वाद, जैतखाम में की पूजा

रायपुर, 11 दिसंबर 2025।सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शामिल होकर प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अद्भुत आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अनूठा संगम बताया। उन्होंने कहा—
“मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।”
उन्होंने देशभर में सनातन संस्कृति की बढ़ती प्रतिष्ठा का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि 500 वर्षों बाद भव्य श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प जैसे ऐतिहासिक कार्यों ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने इसे जनता के आध्यात्मिक उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद
हसौद में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 140 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्हें प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
जैतखाम में की पूजा-अर्चना
हसौद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय जैतखाम पहुँचे और विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास के सत्य, अहिंसा, समानता और ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इन आदर्शों को अपनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया। इसके अलावा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जनप्रतिनिधि और देशभर से आए गायत्री परिवार के लाखों श्रद्धालु उपस्थित रहे।



