
रायपुर, 30 जनवरी 2026।दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। समारोह में 1536 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी उपाधियां प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा—
“दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की जिम्मेदारियों भरी नई यात्रा की शुरुआत है।”
🏅 45 छात्रों को स्वर्ण पदक, 8 को विशेष स्मृति पदक
समारोह में पशुचिकित्सा एवं पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी और मत्स्यिकी संकाय के विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं।
45 उपाधि धारकों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक और
पशुचिकित्सा एवं पशुपालन संकाय के 8 स्नातकों को पंडित तीरथ प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका ने अपने करकमलों से विद्यार्थियों को उपाधि पत्र और पदक प्रदान किए।

🐄 “भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश”
राज्यपाल ने कहा कि
“शिक्षा कभी समाप्त नहीं होती, सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है।”
उन्होंने बताया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र ग्रामीण परिवारों, महिलाओं और छोटे किसानों की आय का प्रमुख आधार है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और मत्स्य पालन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा—
“अब पशुधन क्षेत्र को केवल संख्या नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से मजबूत करने की जरूरत है।”
🧪 मिलावट पर सख्ती, गुणवत्ता पर ज़ोर
राज्यपाल ने डेयरी प्रौद्योगिकी के छात्रों से दुग्ध उत्पादों में मिलावट की समस्या के प्रति सतर्क रहने और गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की अपील की, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद बन सकें।
मत्स्य पालन के क्षेत्र में उन्होंने कांकेर जिले की सफलता से सीख लेने की बात कही।
🚀 “नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें”
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया—
“केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ रोजगार देने वाले बनें।”
उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा, डेयरी और मत्स्य पालन केवल विषय नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के माध्यम हैं।
🌾 सरकार दे रही स्टार्टअप को बढ़ावा
कृषि, पशुधन विकास एवं मछली पालन मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि
छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की अहम भूमिका है।
राज्य सरकार इन क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को स्टार्टअप, अनुदान और प्रशिक्षण के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है।
📊 विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट पेश
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी शाह ने दीक्षांत उद्बोधन दिया।
कुलसचिव डॉ. बी.पी. राठिया ने समारोह का संचालन किया।
👥 ये रहे खास मौजूदगी
समारोह में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल,
महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि आर सक्सेना,
सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।



