जांच के घेरे में कुम्हारी अग्निकांड—पीड़ित परिवार का आरोप, बयान बदलने को मजबूर करने की कोशिश हुई

दुर्ग (भिलाई)। कुम्हारी में 12 मई को हुए भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। हादसे में अनिल उर्फ होमदास वैष्णव, उनकी दो बेटियां और डेढ़ साल की नातिन की मौत हो गई थी।
प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने 6 सदस्यीय जांच समिति गठित कर 3 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
लेकिन अब पीड़ित परिवार ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार के सदस्य गौतम वैष्णव का आरोप है कि जांच के दौरान उनसे बिना पूरी जानकारी दिए दस्तखत करवाए गए और बयान बदलने पर एक महिला अधिकारी द्वारा धमकी दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे कहा गया कि आग शॉर्ट सर्किट से नहीं बल्कि अन्य कारणों से बताई जाए।
परिवार का कहना है कि आग घर के बिजली मीटर के पास से शुरू हुई थी, जबकि कुछ जांच अधिकारियों ने अलग निष्कर्ष पर दबाव बनाया।
घटना स्थल पर मौजूद हालात और स्थानीय लोगों की गवाही भी सवाल खड़े कर रही है। मोहल्लेवासियों के अनुसार इलाके में पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग की घटनाएं हो चुकी हैं।
वहीं, जांच समिति में तहसीलदार, पुलिस, नगर पालिका, बिजली विभाग और मेडिकल अधिकारी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी बयान रिकॉर्ड में लिए गए हैं और निष्पक्ष जांच की जा रही है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और 16 मई तक रिपोर्ट आने की संभावना है।



