आंध्रप्रदेश में माओवाद को बड़ा झटका: PLGA के DVCM समेत 5 नक्सलियों ने किया सरेंडर, लाखों के इनामी थे सभी

जगदलपुर। आंध्रप्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति का असर अब साफ नजर आने लगा है। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में लंबे समय से सक्रिय पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) से जुड़े 5 नक्सलियों ने अल्लूरी सीताराम राजू जिले में आत्मसमर्पण कर दिया है।
सरेंडर करने वालों में एक डीवीसीएम रैंक का नक्सली, तीन एसीएम/पीपीसीएम स्तर के सदस्य और एक कैडर शामिल है। इन सभी पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था, जिसमें डीवीसीएम पर 3 लाख और अन्य सदस्यों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
पुलिस अधीक्षक अमित बरदार के मुताबिक, ‘ऑपरेशन कागर’ सहित हालिया सुरक्षा अभियानों के कारण नक्सलियों पर लगातार दबाव बना, जिससे उन्होंने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। ये सभी नक्सली सीमावर्ती राज्यों में सक्रिय रहकर हिंसक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे ऑपरेशन का असर अब दूसरे राज्यों में भी दिखने लगा है। इस सामूहिक सरेंडर को न केवल संख्या के लिहाज से, बल्कि संगठन की संरचना पर एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना बढ़ सकती है, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।



