छत्तीसगढ़ में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ बड़े बदलाव: रजिस्ट्री सस्ती, टोल महंगा, टोल पर कैश बंद

रायपुर, 1 अप्रैल 2026। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ देशभर सहित छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब और दैनिक जीवन पर पड़ेगा। जहां एक ओर कुछ फैसलों से राहत मिली है, वहीं कई बदलावों से खर्च बढ़ने की संभावना भी है।
सबसे बड़ी राहत छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदने वालों को मिली है। राज्य सरकार ने रजिस्ट्री शुल्क में कमी की है, जिससे अब जमीन और मकान की रजिस्ट्री पहले की तुलना में सस्ती हो गई है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को भी गति मिलने की उम्मीद है।
वहीं दूसरी ओर, हाईवे पर सफर करना महंगा हो गया है। प्रदेश के कई टोल प्लाजा में 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव यह हुआ है कि अब टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजैक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल FASTag और UPI के माध्यम से ही टोल भुगतान किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ में राशन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब हितग्राहियों को एक साथ तीन महीने का चावल दिया जाएगा, जिससे बार-बार राशन दुकान जाने की जरूरत कम होगी।
नई आबकारी नीति के तहत शराब बिक्री के नियमों में भी बदलाव हुआ है। अब राज्य में शराब प्लास्टिक बोतलों में भी बेची जाएगी, जिससे पैकेजिंग और सप्लाई सिस्टम में बदलाव आएगा।
देश स्तर पर टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव लागू किया गया है। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 आज से लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ले ली है। इसमें ‘टैक्स ईयर’ की नई अवधारणा लागू की गई है, जिससे टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश की गई है। साथ ही ITR फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है।
PAN और KYC नियमों को भी सख्त कर दिया गया है। अब बैंकिंग और निवेश से जुड़े सभी लेनदेन के लिए पहचान सत्यापन अनिवार्य होगा। बिना KYC के ट्रांजैक्शन संभव नहीं होंगे।
रेलवे यात्रियों के लिए भी नियम बदले गए हैं। अब ट्रेन टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड तभी मिलेगा जब टिकट ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले रद्द किया गया हो। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी।
इसके अलावा, कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 200 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी की गई है, जिससे होटल, ढाबा और कैटरिंग सेवाएं महंगी हो सकती हैं। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नए वेतन नियमों के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब कुल CTC का कम से कम 50% रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे EPF और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी होगी, लेकिन इन-हैंड सैलरी पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2026 से लागू ये बदलाव आम लोगों के जीवन में राहत और अतिरिक्त खर्च—दोनों का संतुलन लेकर आए हैं।



