BIG BREAKING: टॉप नक्सली कमांडर देवजी ने 18 साथियों के साथ तेलंगाना में किया आत्मसमर्पण

रायपुर/जगदलपुर। लगातार बढ़ते सुरक्षा बलों के दबाव के बीच माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। पोलित ब्यूरो मेंबर और केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य देवजी उर्फ तिरुपति ने 18 साथियों के साथ तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया है। 22 फरवरी 2026 को हुए इस आत्मसमर्पण को माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ी रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक क्षति माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में सघन ऑपरेशन, नेटवर्क पर लगातार चोट और बढ़ती घेराबंदी के चलते शीर्ष नेतृत्व में दबाव की स्थिति बनी हुई थी। बसव राजू के न्यूट्रलाइज होने के बाद देवजी को संगठन का बड़ा कमांडर माना जा रहा था।
“कुछ और नाम शेष हैं, उन्हें भी कराया जाएगा सरेंडर” – विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma ने कहा कि देवजी लंबे समय से छत्तीसगढ़ में सक्रिय था और तेलंगाना में उसके सरेंडर की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि अभी कुछ अन्य नाम भी चिन्हित हैं, जो निष्क्रिय या सक्रिय भूमिका में हैं, उन्हें भी सरेंडर कराया जाएगा।
विजय शर्मा ने बताया कि सरेंडर करने वालों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार विशेष पुनर्वास योजना पर काम कर रही है। बैंक सहायता, विवाह, खेती और रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
हाल के आत्मसमर्पण करने वाले टॉप माओवादी कमांडर
- सुजाता उर्फ कल्पना उर्फ पोथुला पद्मावती (CCM) – 13.09.25, हैदराबाद
- मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति (PBM/CCM) – 14.10.25, गढ़चिरौली
- सतीश उर्फ रूपेश उर्फ टक्कलपल्ली वासुदेव राव (CCM) – 17.10.25, जगदलपुर
- पुलुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना (CCM) – 29.10.25, हैदराबाद
- रामदर मज्जी उर्फ सोमा (CCM) – 08.12.25, राजनांदगांव
- देवजी उर्फ तिरुपति (पोलित ब्यूरो/CCM) – 22.02.26, तेलंगाना
देवजी का आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में चल रहे संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने भरोसा जताया है कि आने वाले समय में और भी बड़े नाम मुख्यधारा से जुड़ेंगे।



