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रमजान से पहले जंग का खतरा! डोनाल्ड ट्रंप की हाईलेवल मीटिंग के बाद अमेरिका-ईरान टकराव चरम पर, सेना तैयार — ग्रीन सिग्नल का इंतजार

वॉशिंगटन/तेहरान | 19 फरवरी 2026

मध्य-पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच कई दिनों से चल रही कूटनीतिक बातचीत विफल होने के बाद अब सैन्य कार्रवाई की आशंका तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक कर संभावित हमले की तैयारी की समीक्षा की है। सूत्रों के अनुसार अमेरिकी सेना को अंतिम आदेश का इंतजार है।

इजरायली मीडिया और अमेरिकी सूत्रों का दावा है कि सप्ताहांत तक कार्रवाई शुरू हो सकती है। बताया जा रहा है कि मिडिल-ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी एयर और नेवल ताकत का भारी जमावड़ा किया गया है — एडवांस्ड एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स, गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और हजारों अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए गए हैं।

परमाणु डील पर टकराव

अमेरिका पिछले कई महीनों से ईरान के साथ नई न्यूक्लियर डील की कोशिश कर रहा था। ओमान की मध्यस्थता में जेनेवा में अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही थी, लेकिन ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंध मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए।

ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि समझौता नहीं हुआ तो “बहुत सख्त कदम” उठाया जाएगा। दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी हमले की धमकी दी है। ईरानी नेतृत्व की ओर से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को निशाना बनाने की बात सामने आने के बाद तनाव और बढ़ गया।

दुनिया की नजरें टिकीं

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमला हुआ तो यह सीमित ऑपरेशन नहीं बल्कि बड़े युद्ध में बदल सकता है। हालांकि अभी तक व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और अंतिम फैसला राष्ट्रपति स्तर पर लंबित है।

अब पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन और तेहरान पर हैं — क्या यह दबाव की रणनीति है या मध्य-पूर्व में एक और बड़ा युद्ध शुरू होने वाला है, फैसला अगले कुछ घंटों में साफ हो सकता है।

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Manish Tiwari

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