पहले वंदे मातरम्, फिर जन-गण-मन: सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के 6 छंद अनिवार्य, जानें कब खड़ा होना जरूरी

नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026
गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार अब जिन कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों गाए जाएंगे, वहां पहले वंदे मातरम् और उसके बाद जन-गण-मन गाया या बजाया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंद गाना या बजाना अनिवार्य किया गया है, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड तय की गई है।
किन कार्यक्रमों में अनिवार्य होगा वंदे मातरम्?
सरकारी आदेश के मुताबिक निम्न अवसरों पर राष्ट्रीय गीत बजाना या गाना अनिवार्य होगा—
- सिविल सम्मान समारोह (जैसे पद्म पुरस्कार)
- राष्ट्रपति की उपस्थिति वाले आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम
- राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय
- राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में (आकाशवाणी/दूरदर्शन प्रसारण)
- राज्यपाल/उपराज्यपाल के राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में सरकारी समारोहों में आगमन और प्रस्थान के समय
- राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाए जाने के अवसर पर
- केंद्र या राज्य सरकार के विशेष आदेश पर आयोजित कार्यक्रमों में
इसके अलावा, स्कूलों में भी प्रतिदिन सुबह राष्ट्रगीत बजाने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
क्या हैं सम्मान से जुड़े नियम?
- जब वंदे मातरम् गाया या बजाया जाए, तब सभी उपस्थित लोगों को खड़ा होना अनिवार्य होगा।
- हालांकि, यदि किसी फिल्म, समाचार या डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रगीत का उपयोग किया गया हो, तो दर्शकों को खड़े होने की बाध्यता नहीं होगी, ताकि प्रदर्शन में व्यवधान न आए।
- राष्ट्रगीत शुरू होने से पहले संकेत के तौर पर वाद्य ध्वनि (मृदंग) बजाई जाएगी।
राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत
नई व्यवस्था के अनुसार, जिन कार्यक्रमों में दोनों का आयोजन हो, वहां पहले वंदे मातरम् और उसके बाद जन-गण-मन होगा। राष्ट्रगान की अवधि 52 सेकंड है, जबकि राष्ट्रगीत के 6 छंदों की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है।
सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और एकरूपता को सुनिश्चित करना है।
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