रायगढ़ में कोल खदानें बंद: 4 श्रम कानूनों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की हड़ताल

रायगढ़, 12 फ़रवरी 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गुरुवार को ट्रेड यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान किया है। राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान के तहत जिले की कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल (SECL) की खदानों में कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, चार नए श्रम कानूनों के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।
दो दिन पहले यूनियन सदस्यों ने खदान गेट पर मीटिंग कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की थी। गुरुवार सुबह छाल क्षेत्र स्थित एसईसीएल खदान के पास इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस के सदस्य संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन करेंगे।
इन खदानों में काम रहेगा ठप
हड़ताल के कारण जिले की छाल, जामपाली, बरौद, बेजारी समेत अन्य कोयला खदानों में उत्पादन कार्य बंद रहेगा। खदानों के बंद रहने से कोयला परिवहन भी पूरी तरह प्रभावित होगा। हालांकि, स्कूल, बाजार, निजी प्रतिष्ठान और आम जनजीवन पर इसका विशेष असर नहीं पड़ेगा।
यूनियन नेताओं ने क्या कहा
इंटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष डीएल ग्वालवंशी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताएं मजदूर हितों के खिलाफ हैं। इन्हें वापस लेने की मांग को लेकर संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
ट्रेड यूनियन काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह ने कहा कि केंद्रीय श्रम संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा भारत बंद की अपील की गई है। इसी क्रम में रायगढ़ ट्रेड यूनियन काउंसिल ने हड़ताल का समर्थन करते हुए गुरुवार सुबह 10 बजे जीवन बीमा कार्यालय के समीप एक दिवसीय धरना आयोजित किया है।
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार श्रम कानूनों पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



