ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी: जीरामजी योजना से साल में मिलेंगे 125 दिन काम, 40 IT कंपनियों से हुआ एमओयू

रायपुर | 06 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – जीरामजी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के लिए क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी। उन्होंने यह बात दुर्ग में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई जीरामजी योजना मनरेगा का उन्नत विकल्प है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को पहले से अधिक रोजगार और सुरक्षा दी गई है।
125 दिन रोजगार, समय पर मजदूरी नहीं तो मिलेगा ब्याज
जीरामजी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, जो पहले 100 दिन था।
- काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा
- मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य
- 15 दिन में भुगतान नहीं होने पर 0.05% ब्याज मिलेगा
- योजना निर्माण और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को
2026-27 में 95,692 करोड़ का बजट, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
भारत सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए जीरामजी योजना में 95,692.31 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में मनरेगा के लिए 88,000 करोड़ रुपए निर्धारित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से जरूरतमंदों को अपने गांव में ही रोजगार और आजीविका के अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पलायन रुकेगा।
40 IT कंपनियों से एमओयू, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 40 आईटी कंपनियों और आईटी निदेशकों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इससे राज्य में आईटी निवेश, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
चिटफंड पीड़ितों को राहत: 4601 निवेशकों को लौटाए गए 7.38 करोड़
मुख्यमंत्री ने यस चिट फंड कंपनी के 4601 निवेशकों को 7 करोड़ 38 लाख 24 हजार 100 रुपए के चेक वितरित किए।
लंबे समय से अपने पैसे के इंतजार में रहे निवेशकों को इससे बड़ी राहत मिली है।



