
रायपुर | 03 फ़रवरी 2026
छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2026 से शराब की कीमतें बढ़ जाएंगी। राज्य सरकार ने शराब पर संशोधित आबकारी ड्यूटी की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे 30 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। नई व्यवस्था के तहत देसी, विदेशी शराब, बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) सभी महंगी होंगी।
नई नीति में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब विदेशी शराब पर टैक्स रिटेल सेल प्राइस (RSP) यानी बाजार में बिकने वाली कीमत के आधार पर तय होगा। मतलब, जितनी महंगी शराब, उतना ज्यादा टैक्स देना होगा। ₹11,000 या उससे ज्यादा कीमत वाली शराब पर सबसे ऊंची आबकारी ड्यूटी तय की गई है।
क्या बदला नई आबकारी नीति में?
- शराब पर टैक्स अब उसकी RSP के स्लैब के अनुसार लगेगा
- प्रीमियम और विदेशी ब्रांड सबसे ज्यादा महंगे होंगे
- विदेशी मदिरा (स्पिरिट/वाइन) पर टैक्स प्रति प्रूफ लीटर के आधार पर
- बीयर पर टैक्स खुदरा कीमत नहीं, बल्कि डिस्टिलरी के बल्क लीटर भाव से तय होगा
- 10% तक अल्कोहल वाले RTD पेय भी महंगे होंगे
- सेना, अर्धसैनिक बलों और क्लबों को कुछ मामलों में रियायती टैक्स
- आयातित शराब पर पहले आयात शुल्क, फिर राज्य की आबकारी ड्यूटी लगेगी
- नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी
प्लास्टिक बोतल में बिकेगी शराब
नई आबकारी नीति 2026–27 के तहत अब सरकारी शराब दुकानों में शराब कांच की जगह प्लास्टिक बोतल में बेची जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्ट आसान होगा और लागत घटेगी, हालांकि उपभोक्ताओं को कीमत में फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही।
प्रति प्रूफ लीटर क्या होता है?
प्रूफ लीटर शराब में मौजूद शुद्ध अल्कोहल की मात्रा को मापने की इकाई है।
- 1 लीटर शराब में अगर 50% अल्कोहल है, तो वह 0.5 प्रूफ लीटर मानी जाएगी
- 42.8% अल्कोहल वाली शराब में लगभग 0.43 प्रूफ लीटर अल्कोहल होता है
इसी आधार पर अब टैक्स की गणना की जाएगी।
नतीजा क्या होगा?
नई आबकारी व्यवस्था में शराब की कीमत सीधे टैक्स स्लैब से जुड़ गई है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ता पर पड़ेगा और 1 अप्रैल से शराब के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी।



