बजट 2026: इन 7 सेक्टर्स में खुलेगा रोजगार का पिटारा, मैन्युफैक्चरिंग से बदलेगी भारत की तस्वीर

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत को रफ्तार देने के लिए बड़ा मास्टर प्लान पेश किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में साफ किया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की विकास दर को 7 प्रतिशत के आसपास बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य के तहत मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड फोकस किया गया है।
सरकार ने ऐसे 7 प्रमुख सेक्टर्स चुने हैं, जिनमें निवेश बढ़ाकर बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा की जा सकती हैं और आयात पर निर्भरता भी घटाई जा सकती है।
इन 7 सेक्टर्स में होगी नौकरियों की बौछार
- बायोफार्मा
- सेमीकंडक्टर
- इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स
- रेयर अर्थ मिनरल्स
- केमिकल सेक्टर
- कैपिटल गुड्स
- टेक्सटाइल
इन क्षेत्रों में भारत अभी भी बड़े पैमाने पर आयात करता है। सरकार का मानना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से न सिर्फ रोजगार पैदा होंगे, बल्कि निर्यात भी मजबूत होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12.20 लाख करोड़ का दांव
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12.20 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो चालू वित्त वर्ष से करीब 10 प्रतिशत अधिक है। सड़कों, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और शहरी ढांचे में निवेश से रोजगार के साथ-साथ व्यापार की लागत भी घटेगी।
कोरोना काल के बाद से लगातार बढ़ रहे पूंजीगत खर्च का असर अब दिखने लगा है और यह जीडीपी के करीब 4.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से आत्मनिर्भरता
देश को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे भारत की वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।
निर्यातकों को राहत, लागत होगी कम
अमेरिका के ऊंचे शुल्क से प्रभावित समुद्री उत्पाद, गारमेंट और लेदर फुटवियर सेक्टर को राहत देते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन सेक्टर्स के निर्यातक अपने पिछले साल के निर्यात मूल्य के 3 प्रतिशत तक का कच्चा माल बिना शुल्क आयात कर सकेंगे। इससे उत्पादन लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
एक्सपर्ट की राय
एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई को बढ़ावा देने वाले ये कदम मेक इन इंडिया को नई ऊंचाई देंगे। सरकार ने आने वाले समय में 350 से ज्यादा सुधार लागू करने का संकेत दिया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और रोजगार को नई गति मिलेगी।
कुल मिलाकर
बजट 2026-27 में रोजगार, आत्मनिर्भरता और निर्यात—तीनों पर एक साथ फोकस किया गया है। चुने गए 7 सेक्टर्स आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक ग्रोथ और युवाओं के भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं।



