Union Budget 2026: मिडिल क्लास को टैक्स में राहत नहीं, किसानों-सीनियर सिटीजन की उम्मीदें भी टूटीं, शेयर बाजार निवेशकों को झटका

नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026 |
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। सरकार ने इसे आम आदमी, महिला, किसान और युवा केंद्रित बजट बताया, लेकिन बजट के बाद मिडिल क्लास, किसानों और शेयर बाजार निवेशकों में निराशा साफ दिखाई दी। कई बड़े ऐलान हुए, मगर कुछ अहम मोर्चों पर सरकार ने उम्मीदों के मुताबिक फैसले नहीं किए।
इस बजट का कुल आकार 53 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। 7 नए रेल कॉरिडोर, गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती करने जैसे कदम उठाए गए, लेकिन टैक्स और निवेश से जुड़े मुद्दों पर राहत नहीं मिली।
ये रहीं बजट से टूटीं 5 बड़ी उम्मीदें—
1️⃣ इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
मिडिल क्लास को उम्मीद थी कि टैक्स-फ्री इनकम की सीमा 12 लाख से बढ़ाकर 14 लाख रुपये की जाएगी, लेकिन सरकार ने नए टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया। इससे सैलरी क्लास को बड़ी राहत नहीं मिल सकी।
2️⃣ नए टैक्स सिस्टम में निवेश पर छूट नहीं
PPF, NPS और ELSS जैसे सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स को नए टैक्स रिजीम में शामिल किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इसमें भी कोई राहत नहीं दी। ये छूट अब भी सिर्फ पुराने टैक्स सिस्टम तक सीमित है।
3️⃣ किसानों को PM किसान योजना में बढ़ोतरी नहीं
किसानों को उम्मीद थी कि पीएम किसान सम्मान निधि की राशि 6000 से बढ़ाकर 12000 रुपये की जाएगी, लेकिन बजट में इस पर कोई ऐलान नहीं हुआ। MSP को लेकर भी कोई बड़ा फैसला सामने नहीं आया।
4️⃣ सीनियर सिटीजन को नहीं मिली अतिरिक्त राहत
सीनियर सिटीजन के लिए टीडीएस छूट, बीमा सहायता और रेल किराए में रियायत की उम्मीद थी, लेकिन बजट में इन पर कोई नई घोषणा नहीं की गई।
5️⃣ शेयर बाजार निवेशकों को झटका
F&O ट्रेडिंग पर ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ा दिया गया है। वहीं LTCG और STCG टैक्स में भी कोई बदलाव नहीं हुआ, जिससे निवेशकों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।
👉 कुल मिलाकर बजट में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर जरूर है, लेकिन टैक्स राहत और निवेश प्रोत्साहन के मोर्चे पर सरकार का रुख सतर्क ही नजर आया।


