उदंती-सीतानदी में दिखा ‘आसमान का चीता’ : दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन फिर नजर आया

रायपुर, 31 जनवरी 2026/दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन (स्थानीय नाम शाहीन बाज) एक बार फिर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में देखा गया है। ‘आसमान का चीता’ कहलाने वाला यह दुर्लभ शिकारी पक्षी अपनी अविश्वसनीय रफ्तार और सटीक शिकार क्षमता के लिए विश्व-प्रसिद्ध है।
पेरेग्रीन फाल्कन शिकार के दौरान ऊंचाई से गोता लगाते हुए लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल कर सकता है, जबकि सामान्य उड़ान में भी इसकी रफ्तार 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। मजबूत, नुकीले पीले पंजों की मदद से यह उड़ते हुए ही अपने शिकार को दबोच लेता है।
इस दुर्लभ दृश्य को वन रक्षक ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया। इससे पहले भी आमामोरा ओड़ क्षेत्र के पास शेष पगार जलप्रपात के समीप ड्रोन कैमरों में इस पक्षी की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है, जिससे उदंती-सीतानदी क्षेत्र में इसकी सक्रिय उपस्थिति की पुष्टि होती है।



विशेषज्ञों के अनुसार पेरेग्रीन फाल्कन न केवल अपनी तेज उड़ान बल्कि अपनी जीवनभर की जोड़ी बनाने की प्रवृत्ति के लिए भी जाना जाता है। यह आमतौर पर अकेले या जोड़े में रहता है और इसका जीवनकाल 12 से 15 वर्ष तक होता है। छोटे पक्षी, कबूतर और तोते इसका मुख्य शिकार हैं, जिन पर यह ऊंचाई से सटीक गोता लगाकर हमला करता है।
छत्तीसगढ़ की अनुकूल जलवायु और समृद्ध जैव विविधता अब देश-विदेश के दुर्लभ पक्षियों को आकर्षित कर रही है। हाल ही में हुए बर्ड सर्वे के दौरान बारनवापारा अभ्यारण्य में भी ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन और ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर जैसे दुर्लभ पक्षी देखे गए हैं।
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं।
वन विभाग की यह उपलब्धि न केवल अभिलेखीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण को नई ऊर्जा देने वाली मानी जा रही है।



