
नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों ने गुरुवार को इतिहास रच दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने ने अब तक का ऑल-टाइम हाई छू लिया। 2 अप्रैल 2026 के गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। कारोबार के दौरान सोने में 14,701 रुपये तक की तेज़ी दर्ज की गई।
सुबह करीब 11:30 बजे, सोना 1,90,999 रुपये के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। MCX पर चांदी की कीमतें 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर गईं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया। गुरुवार को सोना $5,600 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया। निवेशक भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
स्पॉट गोल्ड 2.6% की बढ़त के साथ $5,538.69 प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जबकि सत्र के दौरान यह $5,591.61 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं चांदी भी $120 प्रति औंस के करीब पहुंच गई।
क्यों लगातार महंगा हो रहा है सोना?
मारेक्स के एनालिस्ट एडवर्ड मीर के मुताबिक, बढ़ता अमेरिकी कर्ज और वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव के संकेत निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रहे हैं। अमेरिका-केंद्रित मॉडल के बजाय क्षेत्रीय आर्थिक गुटों के उभरने से अनिश्चितता और बढ़ गई है।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ईरान की जवाबी धमकियों से निवेशकों में चिंता बनी हुई है।
फेड के फैसले और निवेश मांग का असर
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने और महंगाई के 2% लक्ष्य से ऊपर बने रहने के संकेतों ने भी कीमती धातुओं को मजबूती दी। इसके अलावा, क्रिप्टो निवेश समूहों द्वारा अपने पोर्टफोलियो का 10–15% फिजिकल गोल्ड में लगाने की योजना से मांग और बढ़ी है।
OCBC के एनालिस्ट्स का कहना है कि अब सोना सिर्फ संकट या महंगाई से बचाव का जरिया नहीं रहा, बल्कि इसे एक भरोसेमंद वैल्यू स्टोर और डाइवर्सिफिकेशन एसेट के रूप में देखा जा रहा है।



