
रायपुर, 21 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू कर दी गई है। गृह (पुलिस) विभाग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह नई व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावशील होगी। सरकार का कहना है कि बढ़ती आबादी, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक दबाव और त्वरित निर्णय प्रणाली की जरूरत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
21 शहरी थाने कमिश्नरेट में शामिल
कमिश्नरी सिस्टम के तहत रायपुर नगर पुलिस जिले के 21 थाना क्षेत्र शामिल किए गए हैं।
इनमें प्रमुख हैं—
सिविल लाइन, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मोवा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमासिवनी, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, टिकरापारा, गुढ़ियारी, पंडरी, खम्हारडीह सहित अन्य थाना क्षेत्र।
👉 इन सभी थानों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के नियंत्रण में रहेगी।
37 वरिष्ठ पद सृजित, नई प्रशासनिक संरचना
कमिश्नरेट के लिए 37 वरिष्ठ पदों का सृजन किया गया है—
- पुलिस आयुक्त – 1
- अतिरिक्त पुलिस आयुक्त – 1
- पुलिस उपायुक्त – 5
- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त – 9
- सहायक पुलिस आयुक्त – 21
इन अधिकारियों को जोन, अपराध शाखा, यातायात, साइबर सेल, महिला अपराध, इंटेलिजेंस, प्रोटोकॉल और कानून-व्यवस्था जैसी अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
पुलिस आयुक्त को मिले मजिस्ट्रेटी अधिकार
कमिश्नरी लागू होने के बाद पुलिस आयुक्त को कई मजिस्ट्रेटी अधिकार दिए गए हैं—
- धारा 144 लागू करने का अधिकार
- जुलूस, धरना व सभाओं की अनुमति या प्रतिबंध
- हथियार लाइसेंस जारी, निलंबन या निरस्तीकरण
- निषेधाज्ञा और आपात आदेश जारी करने का अधिकार
👉 पहले ये अधिकार जिला कलेक्टर और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के पास होते थे।
इन कानूनों के तहत मिले अधिकार
पुलिस आयुक्त और कमिश्नरेट अधिकारियों को—
छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007, शस्त्र अधिनियम 1959, दंड प्रक्रिया संहिता, मोटर वाहन अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम, सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम सहित कई कानूनों के तहत शक्तियां दी गई हैं।
रायपुर ग्रामीण जिला रहेगा अलग
अधिसूचना में साफ किया गया है कि रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला कमिश्नरेट से अलग रहेगा।
ग्रामीण क्षेत्र पहले की तरह पुरानी व्यवस्था में ही संचालित होंगे।
सरकार का तर्क
सरकार के अनुसार—
“रायपुर की बढ़ती जनसंख्या, जटिल शहरी चुनौतियां और अपराध नियंत्रण के लिए त्वरित निर्णय प्रणाली जरूरी थी, इसलिए कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया।”
👉 सरकार का दावा है कि इससे कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और अपराध पर नियंत्रण ज्यादा प्रभावी होगा।



