बीजापुर में नक्सलियों का खूनी खेल: पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की गोली मारकर हत्या, मुखबिरी के शक में उतारा मौत के घाट; 2 महीने पहले भी हुआ था जानलेवा हमला

बीजापुर | 20 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने पूर्व सरपंच भीमा मड़कम (29) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना पामेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम काऊरगट्टा की है। मंगलवार को भीमा मड़कम मछली पकड़ने खेत की ओर गए थे, तभी भीड़ के बीच नक्सलियों ने उन्हें निशाना बनाया और मौके पर ही मार डाला।
घटना छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा के संवेदनशील इलाके में हुई। भीमा मड़कम के घर से करीब 500 मीटर दूर CRPF की 151वीं बटालियन का कैंप स्थित है। नक्सलियों को शक था कि भीमा जवानों को नक्सलियों से जुड़े इनपुट देता था। इसी मुखबिरी के शक में उनकी हत्या की गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
2 महीने पहले भी हुआ था नक्सली अटैक
भीमा मड़कम पर दिसंबर 2025 में भी नक्सलियों ने हमला किया था, लेकिन उस वक्त CRPF कैंप के जवानों ने उन्हें बचा लिया था। हमले के बाद वे कुछ समय तक दंतेवाड़ा-बचेली में रहे और घर आते-जाते थे।
स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में बने थे सरपंच
भीमा मड़कम 2020 से 2025 तक ग्राम पंचायत के सरपंच रहे। वे स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुने गए थे और किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं थे। वर्तमान में वे खेती-मजदूरी का काम कर रहे थे।
पेट में मारी गोली, मौके पर मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब भीमा खेत की ओर गए थे, वहां अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान नक्सलियों ने उनके पेट में गोली मारी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को घर लाया गया।
इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात
पामेड़ पुलिस ने हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
बीजापुर नक्सली हिंसा का गढ़
बीते ढाई साल में बस्तर संभाग में नक्सलियों ने 10 भाजपा नेताओं की हत्या की है, जिनमें सबसे ज्यादा मामले बीजापुर जिले के हैं। इससे पहले अक्टूबर में मुंजाल कांकेर में भाजपा कार्यकर्ता सत्यम पुनेम की भी हत्या की गई थी।
बीजापुर में नक्सली हिंसा से दहशत का माहौल है, राजनीतिक कार्यकर्ता और ग्रामीण शाम होते ही सुरक्षित इलाकों की ओर लौटने को मजबूर हैं।



