हाईकोर्ट में सरकार का बड़ा दावा: 46 शेल्टर होम में 4,160 मवेशी, 36 गौधाम को मंजूरी; सड़क हादसों पर PIL की सुनवाई

बिलासपुर | 20 जनवरी 2026
सड़कों पर आवारा मवेशियों से हो रहे हादसों और फसलों के नुकसान को लेकर दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने शपथपत्र के साथ जवाब पेश करते हुए बताया कि प्रदेश में फिलहाल 46 अस्थायी मवेशी शेल्टर होम संचालित हैं, जहां कुल 4,160 मवेशियों को रखा गया है।
सरकार ने आवारा पशुओं के स्थायी संरक्षण के लिए 36 गौधाम के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने की जानकारी दी। इन गौधामों में शेड, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को तय की।
फसलों की सुरक्षा पर सरकार का पक्ष
पशुधन विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि फसलों को आवारा और पालतू पशुओं से बचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर अस्थायी शेल्टर बनाए गए हैं। फसल कटाई के बाद मवेशियों को उनके मालिकों को सौंप दिया जाता है या इच्छुक ग्रामीणों में वितरित किया जाता है। बेलतरा और सुकुलकारी ग्राम पंचायतों में यह मॉडल सफल रहा है।
सड़क हादसों की रोकथाम
सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गृह विभाग, NHAI और सड़क सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर सड़कों पर मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गौधाम योजना की स्थिति
- प्रत्येक गौधाम की क्षमता: 200 मवेशी
- स्वीकृत गौधाम: 36
- संचालित: 3
- मरम्मत/सुविधा कार्य प्रगति पर: 8
- संचालन: स्वयंसेवी संस्थाएं, गौशाला समितियां और किसान समूह
निगरानी और जवाबदेही
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के रजिस्ट्रार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पशु चिकित्सकों को गौधामों व शेल्टर होम का नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।



