
रायपुर | 19 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ में बांझपन से जूझ रहे दंपतियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। राजधानी रायपुर स्थित एम्स में फरवरी के अंत तक IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) सेंटर की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली एम्स के बाद यह देश का दूसरा और छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी IVF सेंटर होगा।
निजी अस्पतालों पर निर्भरता होगी खत्म
IVF सेंटर शुरू होने से अब राज्य के लोगों को महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने की मजबूरी नहीं रहेगी। सरकारी स्तर पर सुविधा मिलने से इलाज आम और मध्यम वर्ग की पहुंच में आएगा।
एम्स रायपुर में एक IVF प्रक्रिया का अनुमानित खर्च 60 से 80 हजार रुपए बताया जा रहा है।
निजी अस्पतालों में 1 से 3 लाख तक खर्च
वर्तमान में निजी अस्पतालों में IVF इलाज पर 1 लाख से 3 लाख रुपए तक खर्च आता है। ऐसे में सरकारी IVF सेंटर आर्थिक रूप से 2 से 5 गुना सस्ता साबित होगा।
विदेशी IVF सेंटरों से भी लिया जाएगा सहयोग
एम्स के पीआरओ डॉ. मृत्युंजय सिंह ने बताया कि IVF सेंटर शुरू करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। दिल्ली एम्स की तर्ज पर अत्याधुनिक तकनीक अपनाई जाएगी, इसके लिए देश और विदेश के प्रमुख IVF सेंटरों से सहयोग लिया जा रहा है।
भोपाल एम्स में अटका मामला, रायपुर बनेगा दूसरा केंद्र
एम्स भोपाल में IVF सेंटर शुरू करने के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन विभागीय मतभेदों के कारण दोनों बार टेंडर रद्द हो गए। ऐसे में सब कुछ तय समय पर रहा तो रायपुर देश का दूसरा एम्स होगा, जहां यह सुविधा शुरू होगी।



