
रायपुर | 18 जनवरी 2026
सूरजपुर जिले में डीएमएफ फंड से संचालित अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट आज उन युवाओं के लिए आशा की किरण बन चुका है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान संस्थान का निरीक्षण किया और यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर उनकी तैयारी, अनुभव और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा— लक्ष्य निर्धारित करें, बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा व परिश्रम से जुट जाएं।
निःशुल्क शासकीय कोचिंग, कमजोर वर्ग के लिए वरदान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बताया गया कि अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट पूर्णतः शासकीय और निःशुल्क है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और अकादमिक सहयोग प्रदान किया जाता है। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।
संस्थान से प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने पीएससी, व्यापम, एसएससी, रेलवे और शिक्षक भर्ती जैसी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।


जिला प्रशासन की पहल की सराहना
विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिणाम सुदृढ़ शैक्षणिक योजना, समर्पित शिक्षकों और जिला प्रशासन के प्रभावी प्रबंधन का प्रतिफल है।
उन्होंने अरुणोदय कोचिंग को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए जिला प्रशासन को विशेष बधाई दी।
डीएमएफ फंड से शिक्षा में दिख रहा बदलाव
मुख्यमंत्री ने डीएमएफ फंड की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बनाया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं में डीएमएफ के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
नालंदा परिसर और ट्राइबल यूथ हॉस्टल की जानकारी
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सुविधा से अवगत कराया, जहां रहकर निःशुल्क उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जा सकती है।
साथ ही रायपुर स्थित नालंदा परिसर की ऑनलाइन-ऑफलाइन अध्ययन सुविधाओं की जानकारी दी।
नालंदा की सफलता को देखते हुए प्रदेश के 34 स्थानों पर हाईटेक लाइब्रेरी निर्माण कार्य प्रगति पर है।
पीएससी परीक्षा होगी और अधिक पारदर्शी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीएससी परीक्षा को यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के सवालों पर त्वरित निर्णय
संवाद के दौरान छात्र देवेंद्र ने अद्यतन पुस्तकों की आवश्यकता का मुद्दा उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री ने अपने स्वेच्छानुदान से आवश्यक पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।
वहीं छात्रा गीता सिंह के स्वास्थ्य संतुलन संबंधी प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने नियमित योग, समयबद्ध दिनचर्या और मानसिक संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने साझा किया जीवन संघर्ष
अंत में मुख्यमंत्री ने पंच, सरपंच, विधायक, सांसद से मुख्यमंत्री बनने तक के अपने जीवन सफर को साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा— व्यर्थ की बातों पर ध्यान न दें, मेहनत करें और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।



