Knife Chase in Central University: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आलू-गुंडा को लेकर रसोइया चाकू लेकर छात्र के पीछे दौड़ा

बिलासपुर, 12 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बॉयज हॉस्टल में मामूली खाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। तात्या भील हॉस्टल की कैंटीन में आलू-गुंडा नहीं देने पर छात्र और रसोइयों के बीच ऐसा विवाद हुआ कि एक रसोइया चाकू लेकर छात्र को मारने दौड़ पड़ा। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
रविवार देर शाम बीटेक थर्ड ईयर का छात्र हर्ष अग्रवाल हॉस्टल की कैंटीन में नाश्ते के लिए आलू-गुंडा लेने पहुंचा था। इसी दौरान कैंटीन कर्मचारी दीपक केवट (21) और दीपेंद्र केवट (19) से उसकी कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुस्से में आकर रसोइया दीपक केवट प्लेटफॉर्म से कूद गया और हाथ में चाकू लेकर छात्र की ओर दौड़ पड़ा। हॉस्टल की गैलरी में दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई।
CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि रसोइया अचानक प्लेटफॉर्म फांदकर छात्र के पीछे भाग रहा है। दूसरे कैमरे में छात्र और रसोइयों के बीच हाथापाई होती नजर आ रही है, जबकि पीछे अन्य छात्र भी दौड़ते दिखते हैं।
छात्रों का हंगामा, पुलिस को बुलाना पड़ा
घटना के बाद हॉस्टल में आक्रोश फैल गया। दर्जनों छात्र एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हॉस्टल प्रबंधन ने तुरंत कोनी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लिया।
जब पुलिस उन्हें गाड़ी में बैठा रही थी, तब कैंटीन कर्मचारियों ने छात्रों को धमकी दी, जिससे छात्र और भड़क गए और पुलिस वाहन को घेर लिया। काफी समझाइश के बाद हालात काबू में आए।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि छात्रों की शिकायत पर कैंटीन के दोनों कर्मचारियों को मारपीट और हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि पूछताछ में रसोइयों ने दावा किया कि उनके हाथ में चाकू सब्जी काटने के कारण था, हमला करने की नीयत नहीं थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों ने मांग की है कि कैंटीन कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए। हाल ही में छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत और यूनिवर्सिटी में हुई चोरी की घटनाओं के बाद यह मामला प्रशासन के लिए एक और बड़ी चेतावनी बन गया है।
छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में अब वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।



