इंदौर में दूषित पेयजल से हाहाकार : टेस्टिंग के दौरान फूटी पाइपलाइन, निगम की लापरवाही उजागर

इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से 20 लोगों की मौत के बाद भी इंदौर नगर निगम की व्यवस्थाएं पटरी पर लौटती नहीं दिख रही हैं। बुधवार को जल वितरण लाइन की ‘टेस्टिंग’ के दौरान हालात और बिगड़ गए, जब क्लोरीनयुक्त पानी छोड़े जाने पर पाइपलाइन फूट गई। तेज दबाव के साथ बहता पानी घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख नगर निगम को आनन-फानन में जलापूर्ति बंद करनी पड़ी।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उल्टी-दस्त से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद निगम ने कुछ दिन पहले ही लाइन सुधार का दावा किया था। जिस स्थान पर बुधवार को पाइपलाइन फूटी, वहां पहले गड्ढा खोदकर काम किया गया था, लेकिन पाइप को सही तरीके से जोड़े बिना ही गड्ढा भर दिया गया। दबाव बढ़ते ही यह लापरवाही सामने आ गई।
इस बीच दूषित पेयजल को लेकर एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। भागीरथपुरा में मिले कोलिफार्म बैक्टीरिया का खतरा केवल इसी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। पिछले साल फरवरी में शहर की पाश शालीमार टाउनशिप में सप्लाई हो रहे नर्मदा जल में भी कोलिफार्म बैक्टीरिया पाया गया था। उस समय 100 से अधिक लोग बीमार हुए थे, जिसके बाद रहवासी संघ ने पानी की टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर डलवाया था। इससे साफ है कि नगर निगम शहर के कई इलाकों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रहा है।
भागीरथपुरा में दहशत, 24 नए मरीज सामने आए
बुधवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के 24 नए मरीज मिले। अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, लेकिन क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। दूषित पानी का असर कृष्णबाग कॉलोनी तक पहुंच गया है। यहां उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 14 माह की जुड़वां बच्चियों रिद्धि और सिद्धि को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बच्चियों के पिता चंदन सिंह पवार ने बताया कि पूरे इलाके में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष का हमला, बोले—साफ पानी के लिए खुद लड़ना होगा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुधवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर सप्लाई किए जा रहे पानी की जांच की। कई इलाकों से ड्रेनेज मिला पानी आने की शिकायतें सामने आईं। उमंग सिंघार ने पानी को सूंघकर और चखकर देखा और कहा कि साफ पानी के लिए लोगों को खुद संघर्ष करना होगा, सिर्फ नेताओं के भरोसे बैठने से कुछ नहीं होगा।
मुख्यमंत्री का बयान, मृतकों के परिजनों को मिलेगी राहत
दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या को लेकर आ रहे अलग-अलग आंकड़ों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक भी व्यक्ति की मौत बेहद दुखद है, इसलिए सरकार आंकड़ों में नहीं उलझना चाहती। प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर संख्या तय की है, लेकिन यह अंतिम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई मौतों के मामलों में इंदौर नगर निगम के मृत्यु पंजीयन के आंकड़ों के आधार पर मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार राहत राशि प्रदान करेगी।
दूषित पेयजल से लगातार बिगड़ते हालात और नगर निगम की लापरवाही ने एक बार फिर शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



