
रायपुर, 06 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा CGPSC 2021 में हुए घोटाले की परतें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। राजधानी रायपुर से करीब 125 किलोमीटर दूर बारनवापारा के घने जंगलों में बने एक रिसॉर्ट में पूरी भर्ती की स्क्रिप्ट लिखी गई थी। CBI की अंतिम चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी ने 35 चयनित अभ्यर्थियों को इसी रिसॉर्ट में ठहराकर विशेष ट्रेनिंग दिलवाई थी।
चार्जशीट के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर और विकास चंद्राकर ने इस पूरे खेल में अहम भूमिका निभाई। रिसॉर्ट के एक कमरे में बैठकर असली प्रश्नपत्र लीक किए गए और वहीं से चयन सूची भी तैयार की गई।
CBI की जांच में सामने आया है कि 11 से 24 मई 2022 के बीच इन 35 अभ्यर्थियों को रिसॉर्ट में ठहराया गया था। ये सभी नेता, बड़े कारोबारी और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े हुए थे। इनकी बुकिंग राहुल हरपाल के जरिए कराई गई थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उम्मीदवारों को राज्य सेवा परीक्षा का असली प्रश्नपत्र दिया गया और कमरों में ही उन्हें हल करवाया गया। बाद में उन्हीं उत्तरों के आधार पर चयन सूची बनाई गई।
CBI चार्जशीट में यह भी उजागर हुआ है कि CGPSC में पदों के लिए “रेट” तय थे।
👉 डिप्टी कलेक्टर बनने की कीमत – 1 करोड़ रुपये
👉 अन्य बड़े पदों के लिए भी करोड़ों में सौदे हुए
यह पूरी गड़बड़ी भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुई, जब CGPSC 2021 की मुख्य परीक्षा 26 से 29 जुलाई 2022 के बीच आयोजित की गई थी।
CBI का कहना है कि इस घोटाले में कई उच्च पदस्थ अधिकारी, नेता और प्रभावशाली लोग अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं। उनकी भूमिका की जांच अब भी जारी है।
छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा में हुआ यह घोटाला अब सत्ता, सिस्टम और साजिश की एक खौफनाक कहानी बन चुका है। 🚨



