BREAKING NEWS : उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, दिल्ली दंगा केस में जमानत से इनकार — कोर्ट बोला ‘लंबी जेल ही रिहाई का आधार नहीं’

नई दिल्ली, 05 जनवरी 2026/ दिल्ली दंगों से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ा झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने दोनों को जमानत देने से इनकार करते हुए साफ कहा कि सिर्फ लंबे समय तक जेल में रहना जमानत का आधार नहीं बन सकता।
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम पर यूएपीए (UAPA) के तहत लगे आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं और कानून में तय शर्तें पूरी होती हैं, इसलिए इस स्तर पर उन्हें राहत नहीं दी जा सकती।
⚖️ कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि
“मुकदमे में देरी को ट्रंप कार्ड की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, इससे कानून द्वारा तय सुरक्षा उपाय स्वतः खत्म हो जाएंगे।”
अदालत ने यह भी साफ किया कि दोनों आरोपी अन्य सह-आरोपियों से अलग स्थिति में हैं, इसलिए उन्हें समान आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
🟢 इन आरोपियों को मिली जमानत
हालांकि, कोर्ट ने इसी मामले में
- गुलफिशा फातिमा
- मीरान हैदर
- शिफा उर रहमान
- मोहम्मद सलीम खान
- शादाब अहमद
को जमानत दे दी है।
🔥 क्या है मामला?
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में फरवरी 2020 में भड़की हिंसा में
- 53 लोगों की मौत
- 700 से ज्यादा लोग घायल
हुए थे।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह हिंसा CAA-NRC विरोध की आड़ में रची गई बड़ी साजिश थी, जिसमें उमर खालिद और शरजील इमाम को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
🧨 10 दिसंबर को सुरक्षित हुआ था फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर 2025 को सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुना दिया गया।



