
रायपुर, 02 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना “बंदर” से करने पर साहू समाज भड़क उठा है। समाज ने इस बयान को अपने स्वाभिमान पर हमला बताते हुए भूपेश बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
छत्तीसगढ़ साहू समाज ने प्रदेशभर के सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है। साथ ही भूपेश बघेल को 10 दिन के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर माफी नहीं मांगी गई, तो राज्यभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
5 जनवरी को साहू समाज की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष नीरेन्द्र साहू ने जानकारी दी है कि
5 जनवरी को रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की आगे की रणनीति घोषित की जाएगी। इसके लिए सभी जिलाध्यक्षों को पत्र जारी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा –
“हमारे समाज के गौरव और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह बेहद अपमानजनक है। यह सिर्फ अरुण साव नहीं, पूरे साहू समाज का अपमान है।”
क्या था भूपेश बघेल का बयान?
बिलासपुर के लिंगियाडीह में चल रहे आंदोलन के दौरान भूपेश बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोला था।
उन्होंने कहा था—
“दो साल में सिर्फ 950 मीटर सड़क बनी है। किसी भी विभाग में काम नहीं हो रहा। अरुण साव तो जैसे बंदर बने बैठे हैं।”
इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर भी तंज कसते हुए कहा था कि—
“बस्ती तोड़कर जो गार्डन बनाया जा रहा है, क्या मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ वहां घूमने आएंगे?”
अमर अग्रवाल को ‘संतरी’ कहा, बीजेपी नेताओं पर भी तंज
भूपेश बघेल यहीं नहीं रुके। उन्होंने विधायक अमर अग्रवाल को भी “संतरी” बताते हुए कहा कि—
“अब उन्हें कुर्सी तक नहीं मिलती। अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक की भी यही हालत है।”
इस बयान के बाद बीजेपी और साहू समाज दोनों भूपेश बघेल के खिलाफ हमलावर हो गए हैं।
सियासी टकराव तेज, सड़कों पर उतर सकता है समाज
अब यह विवाद सिर्फ राजनीतिक नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।
अगर भूपेश बघेल 10 दिन में माफी नहीं मांगते, तो छत्तीसगढ़ में बड़ा आंदोलन तय माना जा रहा है।



