
रायपुर, 29 दिसंबर 2025/ भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने रायपुर और महासमुंद जिलों में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन से जुड़े अहम सबूत जुटाए।
यह पूरा मामला भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा वितरण में किए गए कथित बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ा है, जिसमें राजस्व विभाग के अधिकारी, पटवारी और भू-माफिया की मिलीभगत सामने आ रही है।
कैसे रचा गया करोड़ों का खेल
जांच एजेंसियों के अनुसार, भारतमाला कॉरिडोर की घोषणा के बाद जमीनों के बैक डेट पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। जमीनों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर नए नामों पर रिकॉर्ड चढ़ाया गया ताकि मुआवजा कई गुना बढ़ाया जा सके।
आरोप है कि जहां वास्तविक मुआवजा करीब 29.5 करोड़ रुपये होना चाहिए था, वहीं कागजी हेरफेर कर इसे 70 से 78 करोड़ रुपये तक दिखाया गया, जिससे सरकारी खजाने को लगभग 43 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
महिला तहसीलदार के पति समेत कई कारोबारी रडार पर
ईडी की कार्रवाई महिला तहसीलदार के पति और जमीन कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा, महासमुंद के ऑटोमोबाइल कारोबारी जसबीर सिंह बग्गा और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर चल रही है।
रायपुर की ला विस्टा सोसायटी और महासमुंद की मेघ बसंत कॉलोनी समेत कई स्थानों पर सुबह से टीमें मौजूद हैं। परिसरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।
सूत्रों के मुताबिक, हरमीत सिंह खनूजा की भूमिका को लेकर ईडी के पास कई अहम इनपुट हैं। बैंक खातों, संपत्ति दस्तावेजों और संदिग्ध लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
विधानसभा से लेकर ईओडब्ल्यू तक पहुंचा था मामला
यह घोटाला विधानसभा के बजट सत्र में भी उठा था। इसके बाद राज्य सरकार ने ईओडब्ल्यू-एसीबी से जांच कराई थी।
इस मामले में तत्कालीन जगदलपुर नगर निगम आयुक्त निर्भय साहू और कोरबा के डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को निलंबित किया गया था। दर्जन भर से अधिक अधिकारियों और जमीन कारोबारियों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है।
73 करोड़ का भुगतान रोका गया
राजस्व विभाग के मुताबिक, अभनपुर बेल्ट में 9.38 किमी सड़क के लिए कुल 324 करोड़ रुपये का मुआवजा तय हुआ था।
अब तक 246 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि 73 करोड़ रुपये जांच पूरी होने तक रोक दिए गए हैं।
देर रात तक जारी रह सकती है कार्रवाई
ईडी की टीमें देर शाम तक दस्तावेजों की जब्ती, डिजिटल डेटा की जांच और मनी ट्रेल खंगालने में जुटी हुई हैं। एजेंसी की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।



