
रायपुर, 27 दिसंबर 2025/ राज्य सरकार ने मार्च 2024 और मार्च 2025 के बजट में घोषित 9 नए जिला सायबर थानों को लेकर अधिसूचना नवंबर 2025 में जारी कर दी है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) के आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि ये थाने जनवरी 2026 तक पूरी तरह से संचालन शुरू कर देंगे। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में केवल पांच रेंज स्तरीय सायबर थाने काम कर रहे हैं, जिन्हें सीमित संसाधनों के कारण तकनीकी और स्टाफ की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
रायपुर रेंज में चार नए थाने होंगे
पहले बजट में पांच जिलों और दूसरे में चार जिलों में सायबर थाने मंजूर किए गए थे। नए थाने बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चाम्पा और जशपुर में खोले जाएंगे। रायपुर रेंज में अब चार सायबर थाने होंगे, जबकि वर्तमान में केवल रायपुर में रेंज स्तरीय थाना कार्यरत है। अधिकारियों का कहना है कि जिले स्तर पर थाने खुलने से रेंज थानों पर केसों का दबाव कम होगा।
स्टाफ और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता
अभी तक रेंज सायबर थानों के लिए पद मंजूर नहीं हैं, इसलिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अपने अधीनस्थ जिलों से डीएसपी, निरीक्षक और अन्य स्टाफ की अस्थायी तैनाती कर विवेचना करवा रहे हैं। नियमित स्टाफ न होने से तकनीकी दिक्कतें बनी रहती हैं।
मार्च 2026 के बजट में फंड मिलने की संभावना
हाल ही में संपन्न डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में सायबर अपराध पर चर्चा की गई। इसमें PM, यूएचएम समेत 9 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चर्चा के दौरान सामने आया कि देशभर में पुलिस के पास सायबर ठगों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। छत्तीसगढ़ में दो साल में घोषित 9 थानों का संचालन शुरू न होना भी चिंता का विषय रहा। यही कारण है कि कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद अधिसूचना जारी की गई। मार्च 2026 के स्टेट बजट में इन थानों के लिए अलग फंड आवंटन की उम्मीद भी जताई जा रही है।
साइबर अपराधों पर कड़ी कार्रवाई
राज्य में अब तक फर्जी सिम विक्रेताओं पर 103 प्रकरणों में 159 लोगों, म्यूल अकाउंट पर 253 प्रकरणों में 863 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुल 1116 लोग साइबर फ्रॉड में पकड़े गए। 28,946 मोबाइल नंबर और 10,409 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए हैं। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1030 के माध्यम से 82.5 करोड़ रुपए साइबर अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले रोके गए।



