
भिलाई, 26 दिसंबर 2025/ यंती स्टेडियम के समीप मैदान में चल रही भव्य हनुमंत कथा के प्रथम दिवस पर सनातन धर्म के ध्वजवाहक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भक्तों को जीवन का सार समझाते हुए कहा कि “खामियां खुद में देखो और खूबियां दूसरों में देखो, तभी जीवन सफल बनेगा।”
पंडित शास्त्री ने कहा कि भिलाई की पावन धरती वेदव्यास की भूमि है, इस्पात नगरी है और शिक्षा का प्रमुख केंद्र है, जहां से सबसे ज्यादा IITian निकलते हैं। उन्होंने कहा कि सेक्टर-9 स्थित श्री हनुमान जी महाराज की अद्भुत महिमा इस भूमि को शक्ति और भक्ति की धरती बनाती है।

हनुमान चालीसा का अर्थ समझना जरूरी
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा को सभी पढ़ते और गाते हैं, लेकिन उसका वास्तविक अर्थ नहीं समझते। भाव को समझकर पाठ करना ही सच्ची भक्ति है।
गुरु घासीदास बाबा को किया नमन
पंडित शास्त्री ने छत्तीसगढ़ के महान संत गुरु घासीदास बाबा को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने “मनखे-मनखे एक समान” का नारा देकर समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। दिसंबर माह में उनकी जयंती पूरे प्रदेश में मनाई जा रही है।
युवाओं को दिया जीवन मंत्र
उन्होंने भिलाई के युवाओं और छात्रों से कहा—
“जीवन में आपदा को अवसर बनाओ। कितनी भी विपत्तियां आएं, घबराना नहीं, बल्कि उसे सफलता की सीढ़ी बनाना सीखो।”
साथ ही उन्होंने कहा कि गुरु वही है जो अंधकार से निकालकर उजाले की ओर ले जाए। जीवन में ऐसा गुरु चुनें जो सही मार्ग दिखा सके।
अनेक जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कथा के प्रथम दिन आयोजनकर्ता राकेश पांडेय, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, विधायक डोमन कोर्सेवाडा, पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशिला साहू, पूर्व विधायक सावलाराम डहरे, दयाराम साहू, लाभचंद बाफना और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



