यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में किया शामिल, भारत में खुशी की लहर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को वैश्विक मान्यता देते हुए यूनेस्को ने दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage-ICH) सूची में शामिल कर लिया है। यह निर्णय दिल्ली स्थित लाल किले में आयोजित यूनेस्को की विशेष बैठक में लिया गया। यह पहली बार है कि भारत में इस स्तर की यूनेस्को बैठक का आयोजन हुआ।
✔ भारत के लिए गर्व का क्षण
दीपावली को ICH सूची में शामिल किए जाने के साथ ही भारत की एक और सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल गया है। इससे पहले भी भारत की अनेक सांस्कृतिक परंपराएं इस सूची में शामिल हैं, लेकिन दीपावली का जुड़ना ऐतिहासिक माना जा रहा है।
✔ पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा कि:
“दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों की आत्मा है। यह ज्ञान और धर्म का प्रतीक है। यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची का हिस्सा बनने के बाद दीपावली को दुनिया में और भी प्रतिष्ठा मिलेगी। प्रभु श्रीराम के आदर्श हमें सदा मार्गदर्शन करते रहें।”
✔ लाल किले में गूंजा वंदे मातरम्
8 से 13 दिसंबर तक चल रही इस बैठक में जैसे ही दीपावली का नाम ICH सूची में जोड़ा गया, दिल्ली में वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों के साथ जश्न का माहौल बन गया।
✔ भारत की कुल 15 विरासतें शामिल
दीपावली को जोड़ने के साथ ही अब भारत की 15 परंपराएं यूनेस्को की ICH सूची में शामिल हो चुकी हैं। इनमें शामिल हैं—
- कुंभ मेला
- बंगाल की दुर्गा पूजा
- गुजरात का गरबा
- योग
- रामलीला
- वैदिक मंत्रों का उच्चारण
- रामायण की पारंपरिक प्रस्तुति
यूनेस्को का यह कदम न सिर्फ भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान को मजबूत करता है, बल्कि दीपावली जैसे त्योहार को विश्वव्यापी मंच पर नई रोशनी भी देता है।



