राष्ट्रीय

मदुरै थिरुप्परनकुंद्रम मुरुगन मंदिर: कार्तिगई दीपम विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, शीर्ष अधिकारी तलब

नई दिल्ली। मदुरै के प्रसिद्ध थिरुप्परनकुंद्रम मुरुगन मंदिर में कार्तिगई दीपम पर्व के दौरान पहाड़ी पर पारंपरिक दीप प्रज्वलन को लेकर चल रहे विवाद पर मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन ने अदालत के आदेशों का पालन न करने पर तमिलनाडु सरकार के शीर्ष अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का कड़ा निर्देश दिया।

✔ अवमानना याचिका पर कड़ा रुख

याचिकाकर्ता राम रविकुमार की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव, DGP, मदुरै कलेक्टर और पुलिस उपायुक्त को तलब किया है।
अधिवक्ता कार्तिकेयन एन ने बताया कि मदुरै के पुलिस उपायुक्त को वैधानिक नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। उनका आरोप है कि अधिकारी कोर्ट के आदेश को लागू न करके मामले को अनावश्यक रूप से लंबा खींच रहे हैं।

✔ राज्य सरकार की दलील

राज्य की ओर से पेश हुए अतिरिक्त एडवोकेट जनरल वीरा कथिरवन ने बताया कि पहाड़ी की चोटी पर दीप जलाने के आदेश को चुनौती देते हुए तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है, जो फिलहाल लंबित है।

✔ क्या है पूरा विवाद?

1 दिसंबर को हाईकोर्ट ने मंदिर प्रशासन को निर्देश दिया था कि 3 दिसंबर के कार्तिगई दीपम उत्सव पर थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी के शिखर स्थित पत्थर स्तंभ पर दीपक प्रज्वलित करने की व्यवस्था की जाए।
लेकिन आदेश के बावजूद दीप प्रज्वलन नहीं हुआ। इसके बाद न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने 3 दिसंबर की शाम याचिकाकर्ता सहित 10 लोगों को CISF सुरक्षा के साथ दीप प्रज्वलित करने की अनुमति दे दी।

4 दिसंबर को अवमानना याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने उत्सव के दौरान जिला प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा (Prohibitory Order) को रद्द कर दिया।


IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button