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वास्तु शास्त्र: भोजन करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं तो बढ़ सकती हैं समस्याएं

नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में भोजन करने की सही दिशा और तरीके को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि गलत दिशा में या गलत तरीके से भोजन करने से व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में भोजन करते समय किन बातों से बचना चाहिए, आइए जानते हैं।

चौखट पर बैठकर न करें भोजन

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की चौखट पर बैठकर खाना खाना अशुभ माना गया है। माना जाता है कि चौखट पर देवी-देवताओं का वास होता है, और यहां भोजन करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर सकती है। इसलिए इस स्थान पर भोजन करने से अवश्य बचें।

टूटे बर्तन में न खाएं खाना

भोजन को देवतुल्य माना गया है, इसलिए टूटी हुई थाली या कटोरी में भोजन करना अपमानजनक माना जाता है। ऐसा करने से दुर्भाग्य और अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। वास्तु विशेषज्ञ हमेशा साबुत एवं साफ बर्तनों में भोजन करने की सलाह देते हैं।

किस दिशा की ओर मुंह कर खाना है शुभ?

वास्तु के अनुसार भोजन करते समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह होना शुभ माना जाता है। इन दिशाओं में भोजन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति बनी रहती है।

भोजन बनाते समय रखें ये सावधानियां

भोजन पकाते समय भी दिशा का ध्यान रखना जरूरी है। वास्तु के मुताबिक रसोई में खाना बनाते समय मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। दक्षिण और पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके भोजन बनाना नकारात्मक प्रभाव बढ़ा सकता है।

रसोई की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि मान्यता है कि रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। गंदगी होने पर देवी की कृपा प्राप्त नहीं होती। भोजन बनाने से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें तथा मन में देवताओं का ध्यान करें।


अस्वीकरण:
यह लेख पारंपरिक मान्यताओं, वास्तु शास्त्र और धार्मिक विचारों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। यहां दिए गए उपाय अंतिम सत्य नहीं हैं। पाठक अपने विवेक से निर्णय लें।

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Manish Tiwari

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