
रायपुर, 28 नवंबर 2025।छत्तीसगढ़ ने देश की सबसे बड़ी व्यापारिक प्रदर्शनी 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इस मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन को उत्कृष्ट थीमैटिक प्रस्तुति और डिस्प्ले के लिए प्रतिष्ठित “स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” प्रदान किया गया। यह सम्मान 14 से 27 नवंबर तक आयोजित मेले में छत्तीसगढ़ की प्रभावशाली उपस्थिति को दर्शाता है।
25 साल पूरे होने का जश्न—और मिला राष्ट्रीय सम्मान
इस वर्ष छत्तीसगढ़ अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। इसी अवसर को केंद्र में रखकर राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, जनजातीय विरासत, सुशासन, औद्योगिक विकास, पर्यटन और नई विकास अवधारणाओं को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। पवेलियन ने न सिर्फ राज्य की पिछली यात्रा दिखाई, बल्कि भविष्य के विज़न को भी प्रभावी ढंग से पेश किया।
पवेलियन क्यों रहा सबसे खास
• 25 वर्षों की विकास यात्रा का जीवंत चित्रण — ‘नवा छत्तीसगढ़’ की अवधारणा और उपलब्धियों को आधुनिक तकनीक के साथ आकर्षक रूप में पेश किया गया।
• बस्तर के परिवर्तन को खास तौर पर दिखाया गया—बेहतर सड़कों, पर्यटन विकास, जनजातीय आजीविका और शांति-संवर्धन की कहानी ने दर्शकों को प्रभावित किया।
• जनजातीय कला और स्थानीय उत्पादों को मिली बड़ी सराहना—जीआई-टैग्ड ढोकरा कला, कोसा सिल्क और पारंपरिक वस्तुओं ने लोगों का ध्यान खींचा।
• नई औद्योगिक नीति 2024–30 को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया—जिसका मकसद रोजगार सृजन और उच्च स्तरीय निवेश को बढ़ावा देना है।
AI डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट बने आकर्षण का केंद्र
छत्तीसगढ़ के दो बड़े आगामी प्रोजेक्ट—
• भारत का पहला AI डेटा सेंटर पार्क,
• राज्य का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट,
को पवेलियन में अत्यधिक रुचि मिली। ये दोनों परियोजनाएँ राज्य के युवाओं को हजारों उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार देने और छत्तीसगढ़ को टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।
भारी भीड़ और शानदार प्रतिक्रिया
मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन दर्शकों की पसंदीदा जगहों में से एक रहा।
इंटरैक्टिव डिजिटल डिस्प्ले, लोक संस्कृति की झलक, और आधुनिकता व परंपरा का मिश्रित अनुभव इसे IITF 2025 के सबसे यादगार पवेलियनों में शामिल कर गया।
राज्य के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक
“स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” न केवल छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास मॉडल के संयोजन के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सफलता आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास, उद्योग विस्तार और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को मजबूती देने वाला कदम मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ का यह सम्मान राज्य को नवाचार, प्रतिस्पर्धी विकास और जनहितकारी नीतियों की दिशा में और अधिक प्रेरित करता है।



