रायपुर: ऑपरेशन साइबर शील्ड में अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 17 नवंबर 2025/ रायपुर रेंज पुलिस ने बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए देश के पाँच राज्यों—दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश—से कुल 6 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी .APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल हैक कर लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने ऐसे हैकरों को पकड़ा है जो RTO E-challan, PM किसान योजना, बैंकों के ऐप, आयुष्मान कार्ड सहित कई सरकारी योजनाओं और संस्थानों के नाम से फर्जी एप तैयार कर लोगों की व्यक्तिगत, बैंकिंग और संवेदनशील जानकारी चुराते थे।
कैसे किया जाता था साइबर फ्रॉड?
18 वर्षीय आरोपी धर्मजीत सिंह (लोणावला, पुणे) मुख्य तकनीकी मास्टरमाइंड था, जो फर्जी APK फाइलें तैयार करता था और उनमें मैलिशियस कोड एम्बेड कर देता था। इन्हें वह टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से लगभग 500 से अधिक साइबर अपराधियों तक बेचता था।
जब कोई पीड़ित इन फर्जी APK को डाउनलोड व इंस्टॉल करता था, तो:
- उसका मोबाइल पूरी तरह हैकर के नियंत्रण में आ जाता था
- बैंकिंग जानकारी, OTP, निजी डेटा चोरी हो जाता था
- पीड़ित के कॉन्टैक्ट्स पर भी वही फर्जी लिंक भेज दिया जाता था
- मनी लॉन्ड्रिंग के लिए रकम म्यूल अकाउंट्स में भेजी जाती थी
इसी तरह की फाइल—RTOechallan.apk और PMkisanyojna.apk—भेजकर दो पीड़ितों से 5.12 लाख और 12 लाख रुपये की ठगी की गई।
फंड फ्लो का नेटवर्क उजागर
तकनीकी जांच में पता चला कि ठगी की गई राशि:
- सौरभ कुमार और आलोक द्वारा संचालित म्यूल अकाउंट्स में भेजी जाती थी
- फिर चांद मोहम्मद के माध्यम से
- और अंत में इरफान अंसारी (आसनसोल) के ATM से रकम निकाली जाती थी
गिरफ्तार आरोपी
- सौरव कुमार – बैंक खाते खुलवाने के लिए फर्जी कंपनी संचालित करता था
- आलोक कुमार – म्यूल अकाउंट इकट्ठा कर बेचता था
- चांद बाबू – ठगी की रकम निकालने का काम
- धर्मजीत सिंह – फर्जी APK फाइल बनाने वाला हैकर
- मोहम्मद इरफान अंसारी – व्हाट्सएप पर फर्जी APK भेजता था
- मारूफ सिद्दीकी अंसारी – म्यूल अकाउंट संग्रहकर्ता
पुलिस ने आरोपियों के व्यक्तिगत खातों में 2 लाख रुपये होल्ड करवाए हैं और अन्य निवेशों की जांच जारी है।
जब्त की गई फर्जी APK फाइलें
जांच में आरोपियों के मोबाइल से कई खतरनाक फर्जी APK फाइलें मिलीं, जैसे:
- RTOchallan.apk
- ICICIBank.apk
- PMkishan.apk
- courierservice.apk
- SBIyono.apk
- Fastag.apk
- punjabnationlbank.apk
- Americancard.apk
- आदि कई फर्जी ऐप
जनता से पुलिस की अपील
- किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें
- केवल Google Play Store से ही ऐप डाउनलोड करें
- ऐप की permissions अवश्य जांचें
- अपने मोबाइल पर एंटीवायरस ऐप का उपयोग करें
- मोबाइल हैक होने पर तुरंत SIM निकालें और फोन को फ्लाइट मोड पर करें
- किसी भी साइबर धोखाधड़ी पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें
रायपुर रेंज पुलिस की इस सफल कार्रवाई से साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है और कई राज्यों में फैले आपराधिक तंत्र को गंभीर चोट पहुँची है। जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना है।



