“बिलासपुर में स्वदेशी की गूंज! मुख्यमंत्री साय बोले— अस्मिता और आत्मसम्मान का महाउत्सव है स्वदेशी मेला”

रायपुर/बिलासपुर, 15 नवंबर 2025। बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला का शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अवलोकन किया। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित इस विशाल मेले में पहुंचते ही मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत किया गया। उन्होंने भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी को पुष्प अर्पित कर नमन किया और स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और युवा उद्यमियों के स्वदेशी उत्पादों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्वदेशी मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, आत्मसम्मान और परंपराओं का जीवंत उत्सव है।” उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है, बल्कि युवाओं और ग्रामीण समुदायों को स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करता है।
300 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
मेले में 300 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें ढोकरा एवं बेलमेटल कला, कोसा वस्त्र, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, गृह सज्जा सामग्री और पारंपरिक व्यंजन विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। हस्तनिर्मित वस्तुओं की गुणवत्ता और विविधता ने आगंतुकों का मन मोह लिया।
स्वदेशी विचारधारा पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वदेशी की शक्ति को स्वतंत्रता सेनानियों ने पहले ही पहचान लिया था। गांधीजी ने चरखे से स्वदेशी को जन-आंदोलन बनाया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के माध्यम से स्वदेशी को राष्ट्रीय अभियान बना दिया है।
उन्होंने कहा— “विदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश का धन बाहर जाता है, इसलिए स्वदेशी अपनाना राष्ट्रहित में जरूरी है।”
उन्होंने व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और दुकान में प्रमुख स्थान देने का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगा यूनिटी मॉल में बड़ा बाजार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इससे कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिलेगी।
स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को ऋण वितरण
मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 4 हितग्राहियों को प्रथम ऋण राशि वितरित की।
केंद्रीय मंत्री और विधायकों ने भी जताया समर्थन
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी मेला अब एक विशाल जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
विधायक धरमलाल कौशिक और अमर अग्रवाल ने स्वदेशी आंदोलन के इतिहास और इसकी वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को स्वदेशी से जोड़कर देखा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बड़ी उपस्थिति
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडेय, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष प्रवीण झा ने स्वागत भाषण और सुब्रत चाकी ने मेला प्रस्तावना प्रस्तुत की।
स्वदेशी की भावना से ओतप्रोत इस मेले ने बिलासपुर में आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को और अधिक मजबूती दी है।



