दंतेवाड़ा की 22 अधूरी PMGSY सड़कों पर प्रशासन का एक्शन—नक्सलियों का बहाना खत्म, 3 दिन में डामर नहीं तो टेंडर रद्द

दंतेवाड़ा | 15 नवंबर 2025
दंतेवाड़ा जिले के सुदूर गांवों तक सड़क पहुंचाने की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGYSY) का पहला फेज पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। साल 2004 में मंजूर की गई 28 सड़कों में से 22 सड़कें आज तक अधूरी पड़ी हैं। कई जगहों पर सिर्फ मिट्टी, गिट्टी और बजरी डालकर काम छोड़ दिया गया, जो अब जगह-जगह से टूटकर ख़राब हो चुकी हैं।
अब नक्सलियों का बहाना नहीं चलेगा
पहले ठेकेदार काम रोककर इलाके में नक्सल खतरे का हवाला देते रहे, लेकिन अब बस्तर में सुरक्षा स्थिति सुधरने के बाद प्रशासन ने साफ निर्देश दे दिया है—
“डामर बिछाना होगा, नहीं तो टेंडर रद्द होंगे.”
जिला प्रशासन ने सभी ठेकेदारों को 3 दिन का अल्टीमेटम जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि
- जहां बेस लेवल खराब है, वहां से दोबारा काम शुरू करें
- जहां सिर्फ डामर बिछाना बाकी है, वहां तत्काल डामरिंग शुरू करें
- तीन दिन के भीतर काम दिखना चाहिए, नहीं तो कार्रवाई तय है
पुराने बजट में ही पूरा करना होगा काम
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण उसी स्वीकृत बजट में पूरा करना होगा, नया बजट नहीं मिलेगा।
10 साल में भी काम पूरा नहीं — अब फेज-4 में जाएगा मामला
कई ठेकेदार एक दशक से भी ज्यादा समय में सड़कें पूरी नहीं कर सके। ऐसे ठेकेदारों की सड़कों को
फेज-4 में कन्वर्ट कर नया टेंडर जारी किया जाएगा।
फेज-2 और फेज-3 पूरा हो चुका है, लेकिन फेज-1 की सड़कें अब भी अधर में हैं।
गांव अब भी सड़क से कटे हुए
इन अधूरी सड़कों की वजह से कई गांव आज तक मुख्य सड़क नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं, जिससे परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा पर बुरा असर पड़ा है।
प्रशासन का मानना है कि अब बस्तर में हालात बदल चुके हैं और नक्सलवाद का हवाला देकर काम रोकने का दौर खत्म हो चुका है। अगले तीन दिनों में प्रगति नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों की जिम्मेदारी छीन ली जाएगी।
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