Mystery Solved in Raipur Double Death : रक्षाबंधन पर मां-बेटी की रहस्यमयी मौत का खुलासा, विसरा रिपोर्ट में सामने आई असली वजह

रायपुर/खरोरा – रक्षाबंधन के दिन हुई मां-बेटी की रहस्यमयी मौत की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। पुलिस को मिली विसरा रिपोर्ट ने मौत की असली वजह स्पष्ट कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार 55 वर्षीय बिंदा बाई चतुर्वेदी की मौत अत्यधिक शराब के सेवन से हुई, जबकि मां को तड़पते हुए देखकर 40 वर्षीय उषा मनहरे को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
क्या था पूरा मामला?
9 अगस्त को खरोरा के पचरी गांव के सतनामी पारा में मां-बेटी की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी। बिंदा बाई अपने बेटे शीतल चतुर्वेदी के साथ रहती थी। रक्षाबंधन के दिन उषा मनहरे अपने मायके आई थी। दिनभर रिश्तेदारों के आने-जाने के बाद शाम तक सब कुछ सामान्य था।
रात करीब 8 बजे घर से बाहर गया शीतल जब वापस लौटा तो उसने देखा कि बरामदे और कमरे के अंदर मां और बहन तड़प रही थीं। उसने डॉक्टर और एम्बुलेंस बुलाई, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों की मौत हो चुकी थी।
पोस्टमॉर्टम और जांच में नहीं मिले थे सुराग
- न शरीर पर बाहरी चोट
- न गले की हड्डी टूटी
- न संघर्ष के निशान
- न जहर का प्रमाण
इन सभी कारणों से पुलिस के लिए मामला पेचीदा बन गया था। फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए थे।
शुरुआत में बेटा शीतल संदेह के घेरे में था, क्योंकि वह आखिरी व्यक्ति था जिसने दोनों को जिंदा देखा था। लेकिन पूछताछ और सबूतों में उसके खिलाफ कुछ भी नहीं मिला।
गांव में सुबह हुआ था विवाद
पड़ोसियों ने बताया था कि रक्षाबंधन की सुबह घर में झगड़ा हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि को लेकर था। हालांकि, यह झगड़ा मौत की घटना से असंबंधित पाया गया।
विसरा रिपोर्ट ने सुलझाई गुत्थी
ग्रामीण एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि विसरा रिपोर्ट में साफ हो गया कि—
- मां की मौत अत्यधिक शराब सेवन से हुई
- मां को तड़पते देख बेटी को दिल का दौरा पड़ा
अब पुलिस इस केस की जांच बंद करने की तैयारी कर रही है।
निष्कर्ष:
रक्षाबंधन के दिन सामने आई यह रहस्यमयी डबल डेथ कोई हत्या या साजिश नहीं, बल्कि एक दुखद प्राकृतिक घटना निकली।



