
रायपुर, 04 अक्टूबर 2025 प्रदेश की राजधानी रायपुर से बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। DKS सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के इकलौते न्यूरोलॉजिस्ट ने हाल ही में पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उनके इस्तीफ़े के साथ ही न सिर्फ DKS बल्कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा (अंबेडकर हॉस्पिटल) का भी न्यूरोलॉजी विभाग पूरी तरह खाली हो गया है।
बताया जा रहा है कि बीते कई सालों से डॉक्टर वेतन वृद्धि और पेशेवर सम्मान की मांग कर रहे थे, लेकिन लगातार अनदेखी और केवल आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। डॉक्टर का कहना है कि काम का दबाव बढ़ता गया लेकिन वेतन और सुविधा जस के तस रहे, ऐसे में उन्होंने खुद को इस व्यवस्था से अलग करना उचित समझा।
गंभीर बीमारियों का इलाज ठप
DKS और मेकाहारा अस्पताल में रोजाना माइग्रेन, मिर्गी, स्ट्रोक, पैरालिसिस, पार्किंसन और अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझते सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे। लेकिन अब न्यूरोलॉजिस्ट न होने से मरीजों को या तो निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां इलाज महंगा है, या फिर वे बिना इलाज घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
बड़ा सवाल – पद कब भरे जाएंगे?
अचानक हुए इस इस्तीफ़े ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब तक शासन-प्रशासन की ओर से इस खाली पद को भरने को लेकर कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश में न्यूरोलॉजी विभाग का संकट कब और कैसे दूर होगा।



