बस्तर में केदार कश्यप का बड़ा एलान– तेन्दूपत्ता बनेगा आदिवासियों की खुशहाली की चाबी, हर पत्ता खरीदने का वादा निभा रही साय सरकार, कांग्रेस के ‘बोनस डाका’ का होगा पूरा हिसाब

जगदलपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को बस्तर के गोलावंड क्षेत्र में स्थित तेन्दूपत्ता फड़ का निरीक्षण किया और संग्राहक परिवारों से संवाद कर उन्हें सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साय सरकार अपने वादे के अनुसार हर एक तेन्दूपत्ता पत्ता खरीदेगी और आदिवासी परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी।
केदार कश्यप ने कहा कि तेन्दूपत्ता आदिवासियों के लिए “हरा सोना” है, जिससे वे बच्चों की शिक्षा, शादी और अन्य जरूरतें पूरी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में तेन्दूपत्ता संग्राहकों के अधिकारों का हनन हुआ और बोनस वितरण में भ्रष्टाचार हुआ, जिसका पूरा हिसाब साय सरकार ले रही है।
वनमंत्री ने घोषणा की कि भाजपा सरकार तेन्दूपत्ता का संग्रहण 5500 रुपये प्रति क्विंटल मानक बोरा की दर से करेगी, जिससे प्रदेश के 12 लाख 50 हजार संग्राहक परिवारों को 240 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्ध वनोपज, खनिज और कृषि संसाधनों का लाभ अब स्थानीय लोगों को मिलेगा। बस्तर में 65 प्रकार की लघु वनोपज जैसे इमली, महुआ, अमचूर का संग्रहण होता है, जिनके स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के लिए सरकार गंभीर प्रयास कर रही है।
केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर में कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाजों की भारी पैदावार होती है और उनकी वैश्विक मांग को देखते हुए राज्य सरकार स्थानीय किसानों को प्रोत्साहन देगी और उनके उत्पादों के प्रसंस्करण की व्यवस्था भी करेगी।
“हमारी सरकार गांव, गरीब, आदिवासी, महिलाओं और युवाओं की सरकार है, और बस्तर के विकास की गारंटी हमारी प्राथमिकता है,” वनमंत्री ने जोर देकर कहा।



